हो गई रे पिटाई ? ho gayi pitai?
खतरे मे हैं कानून ? 1 . मुद्दा क्या मतलब कुछ भी होने जैसी स्तिथि पैदा हो गई है अब कोई सामाजिक , राजनितिक , कानूनी व्यवस्था है या नहीं कुछ कहा नहीं जा सकता! लोग अपने हिसाब से अपने तर्क दे रहे है पुलिस,, पुलिस की मदद नहीं कर रही एडवोकेट लगातार दुर व्यव्हार कर रहे है बिना किसी रोक टोक के जैसे कानून को खरीद लिया है ! राजनेता वकीलों से तोः मिल रहे है लेकिन पुलिस के पास जाना शायद किसी को सही नहीं लगा होगा लगता भी कैसे पुलिस शायद इंसान नहीं है! समाज के लिए काननों को बनाने और लागु करने वाले ये भूल जाते है की जमीनी जुड़ाव मे पुलिस ही उसे व्यवस्था के दायरे मे रखते है!शायद सब पुलिस ठीक नहीं लेकिन एडवोकेट भी कल दूध से नाहा कर आए हो ऐसा भी नहीं !अगर ये समाज के रक्षक ही आपस मे इस कदर लाद कर...



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